राम मंदिर चंदा चोरी, आस्था के नाम पर राजनीति, चढ़ावे के नाम पर लूट-कांग्रेस
भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा भी बीजेपी-आरएसएस की राजनीतिक लूट का शिकार हो गया
बैकुंठपुर
गुरुवार राजीव भवन, कांग्रेस कार्यालय में श्रीराम मंदिर, अयोध्या में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में जिला स्तरीय पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कोरिया जिला प्रभारी एवं जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा एवं मेहनत की कमाई से सहयोग दिया था, इसलिए इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होना आवश्यक है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला कोषाध्यक्ष अशोक जायसवाल महामंत्री बृजवासी तिवारी, कां्रगेस उपाध्यक्ष अजय सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष अशीष यादव कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
देश जानना चाहता है जवाब
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर मौन क्यों है? क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी, गोपाल राव और ट्रस्ट के अन्य शीर्ष पदाधिकारी इस पूरे प्रकरण में अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं जब पूरा ट्रस्ट कटघरे में है, तो केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों?जब ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, तो इस घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे, वित्तीय अनियमितताओं तथा चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे गंभीर प्रश्नों का अब तक संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया है।
कांग्रेस पार्टी की मांगें
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री स्पष्ट करें कि ट्रस्ट के गठन, शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक निगरानी में उनकी सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की क्या भूमिका रही है और इतने गंभीर आरोपों के बाद वे अब तक मौन क्यों हैं। चंपत राय, अनिल मिश्रा और इस पूरे घोटाले में शामिल सभी प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। पूरे प्रकरण की जांच सर्वाेच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस कथित लूट के पीछे कौन लोग हैं और किसके संरक्षण में यह सब वर्षों तक चलता रहा। वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और स्वतंत्र सदस्यों के साथ एक नया, पारदर्शी और जवाबदेह ट्रस्ट गठित किया जाए। राम मंदिर के लिए प्राप्त समस्त चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद, आयोजनों और व्ययों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
भगवान राम राजनीतिक दल की संपत्ति नही
कां्रगेस जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। वे करोड़ों भारतीयों की आस्था हैं। भगवान राम के नाम पर जुटाए गए धन की कथित लूट और उस पर पर्दा डालने की हर कोशिश देश की धार्मिक चेतना का अपमान है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की आस्था पर डाका डालने वालों को बचाने की नहीं, बेनकाब करने और कानून के कठघरे में खड़ा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी धर्म के विरुद्ध नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा के पक्ष में खड़ी है।





+ There are no comments
Add yours