महिला जनप्रतिनिधियों के पतियों के कारनामें………तलवापारा में 15वें वित्त की राशि से किया प्राईवेट बोर-खनन……..कांग्रेस के विधयको से परेशान जनता ने भाजपा को दी थी प्रदेश की जिम्मेदारी……….विष्णु देव साय की सरकार में उनकी ही प्रतिनिधि अब उडा रहे सरकार के बनाए नियमों की धज्जियॉ……भाजपा-कांग्रेस से तंग जनता बोली एक नागनाथ तो दूसरा सापनाथ

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बैकुंठपुर।

कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद अंर्तगत ग्राम पंचायत तलवापारा के वार्ड क्रमांक 2 में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा केवल एक व्यक्ति विशेष की सुविधा के लिए बोर खनन-हैण्डपम्प स्थापना का कार्य कराया गया। जबकि 15वें वित्त की राशि का उपयोग ग्राम पंचायत के सार्वजनिक एवं विकास कार्यों में किया जाना अपेक्षित है। ऐसे में एक व्यक्ति के लिए शासकीय राशि खर्च किए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि वार्ड क्रमांक 2 में जिस स्थान पर बोर खनन कराया गया है, वहां इसका लाभ मुख्य रूप से एक ही व्यक्ति को मिल रहा है। सामान्य तौर पर सार्वजनिक पेयजल सुविधा के लिए ऐसे कार्यों का उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को लाभ पहुंचाना होता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी सार्वजनिक पेयजल स्रोत का निर्माण किया गया है तो उसका उपयोग पर्याप्त संख्या में परिवारों द्वारा किया जाना चाहिए। इसके बावजूद कथित तौर पर एक व्यक्ति विशेष के लिए बोर कराया जाना 15वें वित्त की राशि के उपयोग पर सवाल खड़ा करता है।

भाजपा की सरकार में नियमों की उउ रही धज्जियॉ

मामले में बोर खनन की स्वीकृति, प्रस्ताव, ग्राम पंचायत की कार्यवाही, तकनीकी स्वीकृति, स्थल चयन, माप पुस्तिका, भुगतान एवं उपयोगिता सहित पूरे अभिलेख की जांच की मांग उठ रही है। साथ ही स्थल का भौतिक सत्यापन कर यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि बोर का वास्तविक उपयोग कितने परिवार कर रहे हैं और कार्य सार्वजनिक आवश्यकता के आधार पर कराया गया था या किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए।

महिला जनप्रतिनिधियों के पति ही चला रहें पंचायत

इसी पंचायत में महिला जनप्रतिनिधियों के कार्यों में उनके पतियों के कथित हस्तक्षेप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंच एवं उपसरपंच जैसी निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पति पंचायत के कार्यों में दखल देते हैं। शासन द्वारा महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका को स्वतंत्र रखने और उनके स्थान पर पतियों के हस्तक्षेप को हतोत्साहित करने के बावजूद यदि पंचायत के निर्णयों एवं कार्यों में ऐसा हस्तक्षेप हो रहा है तो इसकी भी जांच आवश्यक है।

जांच के बाद सामने आएगा सच

ग्रामीणों ने मांग की है कि तलवापारा ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 2 में कराए गए बोर खनन की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। 15वें वित्त की राशि के उपयोग से लेकर कार्य की स्वीकृति और लाभार्थियों तक सभी पहलुओं की जांच होने पर ही स्पष्ट होगा कि शासकीय राशि का उपयोग सार्वजनिक हित में हुआ या किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या मामला कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाता है।

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