गुरुवार को सुबह से उत्तरी छत्तीसगढ़ समेत पुरे कोरिया जिले के अधिकांश हिस्सो में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। इसकी वजह से भीषण गर्मी के प्रकोप में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। गुरुवार को अचानक हवाओं के साथ कुछ क्षेत्रो में हल्की बारिश ने लोगों का राहत दी है। मौसम विभाग का कहना है कि इस समय मौसम के मिजाज के बदलने के पीछे दो कारण हैं। मंगलवार को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ था उससे पहले बंगाल की खाड़ी की ओर से नमी युक्त हवा आई थी। आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम बदल जाता है और फिर हवाओं के साथ बारिश के आसार बन जाते हैं। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी की ओर से नमी युक्त हवा आने से उत्तरी छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव हुआ है। यही कारण है कि इलाके में धूल भरी आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार बन गए हैं। क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के तीन दिन पहले से ही बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवा चल रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में तीन दिन पहले मौसम बदला था इसके बाद अब उसका और पश्चिमी विक्षोभ का असर फिलहाल उत्तरी छत्तीसगढ़ मे पड़ रहा है ।
अगले 48 घण्टो तक रह सकता है विक्षोभ का असर
गुरुवार को बादलो की वजह से तापमान में गिरावट आ गई। वही पर विभाग की माने तो पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले दो दिनो तक तक रह सकता है। गुरुवार को अधिकतम तापमान में गिरावट इसलिए नहीं हुई, क्योंकि मौसम का मिजाज अधिकतम तापमान तक पहुंचने के बाद बिगड़ा है। लेकिन आने वाले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलने का अनुमान है।
मौसम के करवट बदलते ही बढ़ी किसानों की चिंता
मौसम के करवट बदलते ही किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। आसमान में बादल देख किसानों ने थ्रेसिंग मशीन की रफ्तार भी तेज कर दी है। यदि इस समय बारिश होती है तो किसानों को गेहूं की फसल को लेकर नुकसान उठाना पड़ सकता है। कटी हुई फसल को ज्यादा नुकसान होगा। इस समय जिले में 80 फीसदी गेहूं काटा जा चुका है। उम्मीद है कि अगले 10 दिन में पूरे गेहूं की कटाई हो जाएगी। क्षेत्र के किसानो की माने तो उनकी गेहूं की फसल पककर तैयार है। ज्यदातर किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। ऐसे में उन्हें चिंता है कि यदि इस समय बारिश हुई तो उनका गेहूं भीग जाएगा। इसके बाद इसे थ्रेसिंग करवाने में लंबा समय लगेगा। वहीं गेहूं की गुणवत्ता भी खराब हो जाएगी।
बादल छाने से गेहूं की कटाई हुई तेज
मौसम का मिजाज बदलते ही गेहूं उत्पादक तेजी से फसल की कटाई में जुट गए हैं। क्षेत्र में रबी की मुख्य फसल गेहूं को कटाई चल रही है लेकिन गुुरुवार को आसमान में अचानक बादल छा गए। कटी हुई फसल के बारिश में भीगने के डर से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसान खेत से काटी गई फसल की थ्रेशिंग करवाने के लिए मशीन मालिकों के चक्कर काट रहे हैं। कृषि विभाग का कहना है कि गेहूं की थ्रेसिंग तुरंत करवा लें। बाकी फसल की कटाई मौसम साफ होने पर ही करें। खेत में कटी पड़ी फसल के भीगने से गेहूं का दाना काला पड़ जाता है इसका दाम भी कम मिलता है। खेत में खड़ी फसल को बारिश में भीगने से कोई नुकसान नहीं होता है।
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