जिले में ठंडी हवाओं का असर शुरू, 09 डिग्री पर पहुॅचा पारा…….. आने वाले दिनों में बढ़ेगी ठिठुरन
बैकुंठपुर।
कोरिया में अब सर्दी ने धीरे-धीरे दस्तक देनी शुरू कर दी है। उत्तर-पूर्वी दिशा से आ रही शुष्क और ठंडी हवाओं के असर से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में ही जिले के कई हिस्सों में हल्की ठिठुरन महसूस की जाने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिले के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। वही जिले का सबसे ठंडा स्थान सोनहत रहा, जहां पारा 08 डिग्री के आसपास पहुंच गया। वहीं, बैकुंठपुर में भी रात का तापमान घटकर 09 डिग्री तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पूर्व से आने वाली सूखी हवाओं के कारण वातावरण की नमी कम हो रही है, जिससे मौसम दिन-ब-दिन रूखा और ठंडा होता जा रहा है। अगले दो से तीन दिनों में राज्य के उत्तरी इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।
बैकुठपुर का आज का मौसम
बैकुंठपुर में आज आसमान साफ रहने के आसार हैं। अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 09 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखी जा सकती है।
ठंड के प्रकोप से जनजीवन प्रभावित
देश के कई राज्यों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तर और मध्य भारत में छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ गई है। कई इलाकों में सुबह और देर शाम घना कोहरा छा रहा है, जिससे दृश्यता कम हो गई है और परिवहन बाधित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल ला नीना के प्रभाव के कारण सर्दियां अधिक ठंडी हो सकती हैं।
जनजीवन पर असर…..बढी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ
ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण सर्दी, खाँसी और श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले बढ़े हैं। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है। कोहरे के कारण वाहनोकी देरी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर भी यातायात प्रभावित हो रहा है। लोग सुबह और शाम घरों में रहने को मजबूर हैं। ठंड से बचने के लिए जगह-जगह अलाव जलाए जा रहे हैं। डाक्टरो का कहना है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए पौष्टिक भोजन करें। सर्दियों में भी शरीर को हाइड्रेट रखना महत्वपूर्ण है।

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